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बà¥à¤œà¥à¤°à¥à¤—ों को नींद कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ नहीं आती, वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤•ों ने दिया इसका जवाब, पढ़ें बढ़ती उमà¥à¤° में à¤à¤¸à¤¾ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ होता है
अकà¥à¤¸à¤° बà¥à¤œà¥à¤°à¥à¤—ों को यह कहते हà¥à¤ सà¥à¤¨à¤¾ होगा कि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ नींद नहीं आती. बढ़ती उमà¥à¤° में बà¥à¤œà¥à¤°à¥à¤—ों के साथ à¤à¤¸à¤¾ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ होता है, अमेरिकी वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤•ों ने इस गà¥à¤¤à¥à¤¥à¥€ को काफी हद तक सà¥à¤²à¤à¤¾à¤¯à¤¾ है और कारण à¤à¥€ बताया है. जानिà¤, à¤à¤¸à¤¾ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ होता है...
अकà¥â€à¤¸à¤° बà¥à¤œà¥à¤°à¥à¤—ों को यह कहते हà¥à¤ सà¥à¤¨à¤¾ होगा कि उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ नींद नहीं आती. बढ़ती उमà¥à¤° में बà¥à¤œà¥à¤°à¥à¤—ों के साथ à¤à¤¸à¤¾ कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚ होता है, अमेरिकी वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤•ों ने इस गà¥à¤¤à¥â€à¤¥à¥€ को काफी हद तक सà¥à¤²à¤à¤¾à¤¯à¤¾ है और कारण à¤à¥€ बताया है. रिसरà¥à¤š करने वाली अमेरिका की सà¥â€à¤Ÿà¥‡à¤¨à¤«à¥‹à¤°à¥à¤¡ यूनिवरà¥à¤¸à¤¿à¤Ÿà¥€ के वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤•ों का दावा है, दिमाग का जो हिसà¥â€à¤¸à¤¾ इंसान के सोने-जागने की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को कंटà¥à¤°à¥‹à¤² करता है वो उमà¥à¤° के साथ कैसे कमजोर पड़ता है, इसका पता लगाया गया है.
बà¥à¤œà¥à¤°à¥à¤—ों में अनिदà¥à¤°à¤¾ की समसà¥â€à¤¯à¤¾ को दूर करने के लिठदवाà¤à¤‚ दी जाती हैं. उमà¥à¤° के साथ इन दवाओं का असर घटने लगता है. à¤à¤¸à¤¾ कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚ होता है, इस पर शोधकरà¥à¤¤à¤¾à¤“ं का कहना है कि मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥â€à¤• के कà¥à¤› खास हिसà¥â€à¤¸à¥‡ में विशेष रसायन हाइपोकà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤¨à¥à¤¸ पाठजाते हैं, जो नà¥â€à¤¯à¥‚रॉनà¥â€à¤¸ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ रिलीज किठजाते हैं. उमà¥à¤° बढ़ने के साथ यह रसायन घटता है और नींद न आने या अचà¥â€à¤›à¥€ नींद न आने की समसà¥â€à¤¯à¤¾ बढ़ती है.
बढ़ती उमà¥à¤° में नींद न आने की समसà¥â€à¤¯à¤¾ को समà¤à¤¨à¥‡ के लिठअमेरिकी वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤•ों ने चूहों पर पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— किया. इसके लिठचूहों के दो गà¥à¤°à¥à¤ª बनाà¤. पहले गà¥à¤°à¥à¤ª में 3 से 5 महीने के और दूसरे गà¥à¤°à¥à¤ª में 18 से 22 महीने की उमà¥à¤° वाले चूहे थे. लाइट का इसà¥â€à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करके उनके दिमाग के नà¥â€à¤¯à¥‚रॉनà¥â€à¤¸ को उतà¥â€à¤¤à¥‡à¤œà¤¿à¤¤ किया गया. इसके बाद इमेजिंग तकनीक से बà¥à¤°à¥‡à¤¨ की जांच की गई. जांच में कई बातें सामने आईं. रिपोरà¥à¤Ÿ में सामने आया कि यà¥à¤µà¤¾ चूहों के मà¥à¤•ाबले अधâ€à¤¿à¤• उमà¥à¤° वाले चूहों ने 38 फीसदी तक जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हाइपोकà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤¨à¥à¤¸ गंवाà¤.
शोधकरà¥à¤¤à¤¾à¤“ं का कहना है, रिसरà¥à¤š के नतीजों की मदद से अनिदà¥à¤°à¤¾ की समसà¥â€à¤¯à¤¾ को दूर करने वाली बेहतर दवाà¤à¤‚ तैयार की जा सकेंगी. उमà¥à¤° के साथ दवाओं के कम होते असर को कंटà¥à¤°à¥‹à¤² किया जा सकेगा. बà¥à¤œà¥à¤°à¥à¤—ों में अनिदà¥à¤°à¤¾ की समसà¥â€à¤¯à¤¾ को कैसे दूर किया जाठरिसरà¥à¤š के परिणाम कई बातों को समà¤à¤¨à¥‡ में मदद करेंगे.
dw की रिपोरà¥à¤Ÿ में शोधकरà¥à¤¤à¤¾ लà¥à¤‡à¤¸ डे लेसिया का कहना है, 65 साल से जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ उमà¥à¤° वाले बà¥à¤œà¥à¤°à¥à¤— कहते हैं कि उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ अचà¥â€à¤›à¥€ नींद नहीं आती. इंसान की नींद का कनेकà¥â€à¤¶à¤¨ हाई बà¥â€à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤°, हारà¥à¤Ÿ अटैक, डायबिटीज, डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ जैसी बीमारियों से à¤à¥€ है. इसके अलावा à¤à¤• खास तरह के रसायन से à¤à¥€ है.
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